Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Portable Full | Must See |
सुबह चार बजे, अंधेरे में ही राजेश और उसका समूह 'जय जिनेंद्र' के उद्घोष के साथ चढ़ाई शुरू करता है। सीढ़ियाँ चढ़ते-चढ़ते जब वे 'भींडी दरवाजा' पहुँचते हैं, तो पहली बार प्रभु की प्रतिमा के दर्शन होते हैं। यहाँ पहला चैत्यवंदन होता है।
तीसरी वंदना में श्रद्धालु ध्यान करता है- "सभी जीवों के प्रति मैत्री भाव रखूं। सबको सुखी देखूं।" palitana 5 chaityavandan in hindi full

